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बागवानी से जुड़े किसानों को अवस्थापना सुविधा मुहैया कराने के लिए कार्ययोजना बनाई जाएगी; कृषक कल्याण मंत्री सुबोध उनियाल

कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि बागवानी से जुड़े किसानों को अवस्थापना सुविधा मुहैया कराने के लिए कार्ययोजना बनाई जाएगी। राज्य में औद्यानिक विकास का आदर्श माडल विकसित किया जाएगा। विधानसभा में गुरुवार को उत्तराखंड औद्यानिक परिषद की बोर्ड प्रबंध समिति की बैठक कृषि मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में हुई। बैठक में परिषद का पंजीकरण सोसाइटी एक्ट में करने को मंजूरी दी गई। इसके लिए शीघ्र नियमावली तैयार करने के निर्देश कृषि मंत्री ने दिए। उन्होंने कहा कि राज्य में बागवानी के क्षेत्र में अच्छी संभावनाएं हैं। किसानों को सुविधा मुहैया कराई जानी चाहिए, ताकि इस क्षेत्र का तेजी से विकास हो सके।कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों की सबसे बड़ी समस्या बिचौलियों का होना है। कास्तकारों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए। इस संबंध में हार्टीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड को विशेष प्रयास करने को कहा गया। किसानों के उत्पादों में मशरूम, शहद के बायो प्रोडक्ट और सेब की खरीदारी के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। इससे किसानों को उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य मिल सकेगा। उत्पादों को भी बाजार की सुविधा मिलेगी।

बैठक में राज्य के उत्पादों को व्यापक मंच देने के लिए अंतरराष्ट्रीय औद्यानिक उत्पाद मेला लगाने पर विचार किया गया। किसानों को उनके उत्पादों के सटीक आंकड़ों की सूचना प्राप्त करने को डिजिटल किसान एप से जोडऩे पर विचार किया गया। बैठक में सचिव आर मीनाक्षी सुंदम, अपर सचिव राम बिलास यादव, उद्योग निदेशक सुधीर चंद्र नौटियाल, उद्यान व खाद्य प्रसंस्करण निदेशक हरविन्दर सिंह बावेजा, उप निदेशक एसके सिंह, उप निदेशक उद्योग महेंद्र पाल सिंह व संजय श्रीवास्तव मौजूद थे।भू-कानून में संशोधन पर विचार को गठित उच्च स्तरीय समिति सभी संबंधित पक्षों से सुझाव लेगी। बीजापुर अतिथिगृह में पूर्व मुख्य सचिव सुभाष कुमार की अध्यक्षता में समिति की बैठक हुई। बैठक में तय किया गया कि भू-कानून में संशोधन के लिए सभी पक्षों से प्रत्यावेदन लिए जाएंगे। समिति इन प्रत्यावेदनों पर विचार करेगी। राजस्व परिषद के उप राजस्व आयुक्त देवानंद ने बताया कि बैठक में उत्तराखंड (उत्तरप्रदेश जमींदारी विनाश व भूमि व्यवस्था अधिनियम-1950) संशोधित अधिनियम की विभिन्न धाराओं पर हिमाचल प्रदेश के भू-कानून के परिप्रेक्ष्य में चर्चा की गई। बैठक में समिति के सदस्य सेवानिवृत्त आइएएस डीएस गब्र्याल व अरुण ढौंडियाल, राजस्व सचिव वीबीआरसी पुरुषोत्तम मौजूद रहे।

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