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इस बार बाबा केदार की डोली गाड़ी में सवार होकर गौरीकुंड जाएगी , 29 को खुलेंगे कपाट

इस बार बाबा केदार की डोली ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ से जब केदारनाथ धाम को प्रस्थान करेगी, तो पैदल नहीं, बल्कि गाड़ी से यात्रा का शुभारंभ करेगी। पहले ही दिन डोली सीधे गौरीकुंड पहुंचेगी। लॉकडाउन और सोसियल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए डोली यात्रा में जुटने वाली संभावित भीड़ रोकने के लिए यह फैसला लिया गया।

29 अप्रैल को ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग भगवान आशुतोष के कपाट खोले जाएंगे। जबकि 26 अप्रैल को बाबा केदार की डोली ऊखीमठ से प्रस्थान करेगी। विश्व और देशभर में कोरोना संक्रमण के चलते कई धार्मिक और पौराणिक अनुष्ठानों में भी बदलाव किया जा रहा है, ताकि लॉकडाउन के साथ ही सोसियल डिस्टेंसिंग का पूरा खयाल रहे। जिलाधिकारी और पंचगाई समिति के लोगों के बीच बनी आपसी सहमति के बाद फैसला लिया गया कि इस बार बाबा केदार की डोली ऊखीमठ से गौरीकुंड तक वाहन से जाएंगी।

यह दूसरा मौका होगा जब बाबा केदार की डोली गाड़ी से गौरीकुंड जाएगी। पूर्व में वर्ष 1977 के दौरान एक बार परिस्थितिवस बाबा केदार की डोली को ऊखीमठ से गाड़ी से गौरीकुंड ले जाया गया। 20 से अधिक लोगों को नहीं मिलेगी अनुमति: जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि मंदिर से 16 लोगों की सूची अनुमति के लिए आई है जबकि 20 से अधिक लोगों को डोली के साथ केदारनाथ जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सरकार के निर्देश पर ही काम हो रहा है।

ऐसे जाएगी डोली केदारनाथ
26 अप्रैल ऊखीमठ से गाड़ी में प्रस्थान कर रात्र विश्राम गौरीकुंड। जबकि पैदल यात्रा के दौरान डोली फाटा में रात्रि विश्राम करती रही है। 27 को गौरीकुंड से भीमबली में रात्रि विश्राम। जबकि पैदल यात्रा में डोली फाटा से गौरीकुंड में रात्रि विश्राम करती थी। 28 को डोली भीमबली से केदारनाथ पहुंचेगी जहां 29 अप्रैल को सुबह 6 बजकर 10 मिनट पर बाबा केदार के कपाट खोले जाएंगे।

अपनी छतों से करेंगे लोग डोली के दर्शन
करीब 42 सालों में यह दूसरा मौका होगा जब बाबा केदार की डोली के दर्शन लोग अपनी छतों से कर सकेंगे। पूरी सुरक्षा व्यवस्था के बीच डोली जब ऊखीमठ से रवाना होगी, तो लोग महज अपने घरों की छतों, आंगन और तिवारियों से ही डोली से आशीर्वाद लेंगे।

पंचगाई समिति और यात्रा से जुड़े प्रमुख लोगों से बातचीत के बाद डोली को गाड़ी से गौरीकुंड ले जाने पर सहमति बनी है। अब 26 अप्रैल को बाबा की डोली को ऊखीमठ से गौरीकुंड तक गाड़ी से ले जाया जाएगा ताकि सोसियल डिस्टेंसिंग का पालन हो सके।
मंगेश घिल्डियाल डीएम

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