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वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत रुद्रप्रयाग सीजीएम कोर्ट में पेश हुए;विभिन्न धाराओं में आरोप तय

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वर्ष 2012 में हुए विधानसभा चुनाव में आचार संहिता उल्लंघन और सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों के साथ अभद्रता के मामले में वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत रुद्रप्रयाग सीजीएम कोर्ट में पेश हुए। इस दौरान उन पर शांति भंग करने, सरकार काम में व्यवधान डालने व धमकी देने का आरोप तय किया गया। मामले में अगली सुनवाई मार्च में होली के बाद होगी।शुक्रवार पूर्वाह्न 11 बजे कैबिनेट मंत्री डा. रावत जिला मुख्यालय पहुंचे। यहां वे सौंड स्थित जिला न्यायालय पहुंचे, जहां पर वर्ष 2012 में हुए विस चुनाव (वे रुद्रप्रयाग विस से चुनाव लड़ रहे थे) के मामले में सीजीएम कोर्ट में पेश हुए। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद न्यायालय में कैबिनेट मंत्री के खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में आरोप तय हुए।

उन पर भारतीय दंड संहिता की धारा 147 के तहत शांति भंग करने, 353 के तहत सरकारी कार्य में व्यवधान डालने और धारा 506 के तहत धमकी देने के आरोप तय किए गए। डा. रावत के अधिवक्ता बीएस भंडारी ने बताया कि मामले की अगली सुनवाई मार्च में होली के बाद होगी।बता दें कि डा. हरक सिंह रावत ने वर्ष 2012 में डा. रावत ने कांग्रेस पार्टी के टिकट पर रुद्रप्रयाग विस से चुनाव लड़ा था। इस दौरान चुनाव प्रचार में डा. रावत पर आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन और प्रशासनिक अधिकारियों व कर्मचारियों पर अभद्रता का आरोप लगा था, जिसमें एफआईआर दर्ज की गई थी।मामला कोर्ट में पहुंचने के बाद कैबिनेट मंत्री डा. रावत को समन भेजा गया था। बीते 14 फरवरी को डा. रावत रुद्रप्रयाग सीजीएम कोर्ट पहुंचे थे, जहां उन्हें मामले में जमानत मिल गई थी।

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