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हरिद्वार कुंभ के आकार और श्रद्धालुओं की भारी संख्या को लेकर मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री के बीच मतभिन्नता

हरिद्वार कुंभ के आकार और श्रद्धालुओं की भारी संख्या को लेकर मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत और पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के बीच मतभिन्नता सोमवार को सार्वजनिक हो गई। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने देहरादून में कहा कि वह कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं पर किसी तरह की रोकटोक नहीं चाहते। उधर, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हरिद्वार में कहा कि देश में कोविड को लेकर जिस तरह की स्थिति बन रही है, उसमें कुंभ के दौरान कोविड के नियमों में ढील देना उचित नहीं। मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री के कुंभ को लेकर अलग-अलग स्टैंड से नौकरशाही से लेकर आम जनता तक भ्रम गहराने लगा है।

कोरोना संकट के साये में होने जा रहे कुंभ में कोरोना संक्रमण की रोकथाम किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। कुंभ में उमडऩे वाली लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के मद्देनजर केंद्र एवं राज्य सरकार की चिंता बढ़ गई है। यही वजह भी है कि अभी तक न तो कुंभ की अधिसूचना जारी हुई है और न इसके आकार को लेकर ही स्थिति स्पष्ट हो पाई है। कुछ समय पहले केंद्र और फिर राज्य सरकार द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) में साफ किया गया कि कुंभ में उन्हीं श्रद्धालुओं को प्रवेश मिलेगा, जिनकी आने से 72 घंटे पहले तक की आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट निगेटिव होगी। साथ ही कुंभ मेला के पोर्टल पर पंजीकरण भी अनिवार्य किया गया। संभवत: यही वजह रही कि पिछली सरकार कुंभ के मसले को लटकाती रही।

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