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श्रीबद्रीश पंडा पंचायत ने देवस्थानम बोर्ड को पूर्ण रूप से भंग करने की मांग की

श्रीबद्रीश पंडा पंचायत ने देवस्थानम बोर्ड को पूर्ण रूप से भंग करने की मांग की है। पंचायत का कहना है कि जब देशहित में प्रधानमंत्री कृषि कानूनों को वापस ले सकते हैं तो तमाम तीर्थ पुरोहितों तथा हक हकूकधारियों के हित को प्रभावित करने वाला देवस्थानम बोर्ड को भी भंग किया जा सकता है। इस संबंध में श्रीबद्रीश पंडा पंचायत गुरुवार को हाईपावर कमेटी के अध्यक्ष मनोहरकांत ध्यानी से मुलाकात कर 12 सूत्रीय मांगपत्र सौपेंगे।श्री बद्रीश पंडा पंचायत का प्रतिनिधि मंडल बुधवार को ऋषिकेश पहुंचा। प्रतिनिधि मंडल ने देवस्थानम बोर्ड के लिए सरकार की ओर से गठित उच्चस्तरीय समिति के सदस्य संजय शास्त्री के आवास पर उनसे भेंट की। इस दौरान प्रतिनिधि मंडल ने देवस्थानम बोर्ड को लेकर अपनी राय रखी। श्रीबद्रीश पंडा पंचायत के अध्यक्ष प्रवीन ध्यानी ने कहा कि देवस्थानम बोर्ड न्यायसंगत नहीं है। धामों में तमाम तीर्थ पुरोहित और हक-हकूकधारी वर्षों से पूजा, पाठ, संध्या और भजन करते आ रहे हैं। देवस्थानम बोर्ड हमारे वर्षों से चले आ रहे अधिकारों और हक-हकूकों को प्रभावित कर रहा है।

उन्होंने कहा कि इससे बड़ी विडंबना क्या होगी कि देवस्थानम बोर्ड बनाने से पूर्व हितधारियों का पक्ष सरकार ने एक बार भी नहीं सुना। उन्होंने देवस्थानम के ढांचे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि 20 नवंबर को श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद हुए हैं। उन्होंने कहा कि अब श्रीबद्रीश पंडा पंचायत अपना पक्ष रखने के लिए गुरुवार को देवस्थानम बोर्ड के लिए गठित हाईपावर कमेटी के अध्यक्ष मनोहर कांत ध्यानी से मुलाकात करेगी। साथ ही उनके समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराएंगी और सुझाव भी देगी।उच्चस्तरीय समिति के सदस्य संजय शास्त्री ने कहा कि उच्चस्तरीय समिति में अभी तमाम मंदिरों और धामों से सुझाव आ रहे हैं। पंडा समाज राज्य तथा धामों के विकास में पूरी सकारात्मकता के साथ खड़ा है। विवाद का सर्वमान्य हल निकाला जाएगा। इस अवसर पर श्रीबद्रीश पंडा पंचायत के उपाध्यक्ष सुधाकर बाबुलकर, कोषाध्यक्ष अशोक टोडरिया, सहसचिव राजेश पालीवाल, अजय बंदोलिया, प्रदीप भट्ट, प्रफुल्ल पंचभैया आदि मौजूद थे।देवस्थानम बोर्ड के लिए गठित उच्चस्तरीय समिति के अध्यक्ष तथा पूर्व राज्यसभा सदस्य मनोहरकांत ध्यानी ने कहा कि उच्चस्तरीय समिति दो दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप देगी। इससे पूर्व सभी पक्षों की आपत्ति व सुझावों को सुना जाएगा। उन्होंने कहा कि 30 सितंबर को उच्चस्तरीय समिति की बैठक भी बुलाई गई है, जिसमें सभी बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

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