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गुरुवार भारी बारिश ने देहरादून के मालदेवता क्षेत्र के जोला-सेरकी ग्राम सभा में ढाया कहर

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गुरुवार तड़के हुई भारी बरसात ने देहरादून के मालदेवता क्षेत्र के जोला-सेरकी ग्राम सभा में कहर ढा दिया। बारिश के चलते ग्राम सभा के ऊपर से जा रहे निर्माणाधीन सड़क का मलबा मुख्य सड़क और लोग के घर-खेतों में घुस गया। कुछ दुकान और रेस्तरां में भी मलबा घुसने से नुकसान हुआ है।भारी बारिश और मलबे से ग्रामीणों में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। मुख्य सड़क पर मलबा आने से धनोल्टी, टिहरी, चंबा, कद्दुखाल मार्ग शाम चार बजे तक बंद रहा। यहां से गुजर रही पेयजल, बिजली और नहर भी क्षतिग्रस्त हो गई है। पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए कबीना मंत्री एवं विधायक गणेश जोशी ने जेई को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही ठेकेदार और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच बैठा दी है। उन्होंने कहा कि सभी दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

गुरुवार तड़के भारी बारिश के बाद देहरादून की जनता को उमस भरी गर्मी से निजात मिली तो दूसरी ओर, कई जगह तबाही मचाई। राजधानी में सबसे ज्यादा नुकसान शहर से करीब 14 किलोमीटर दूर स्थित जोला सेरकी गांव में हुआ। मालदेवता गांव से करीब सवा किलोमीटर दूर स्थित ग्राम सभा से गुजर रही सड़क तो प्रभावित हुई ही, आठ परिवारों के घर और खेत में मलबा घुसने से भरी नुकसान हो गया। सड़क किनारे कुछ दुकान और रेस्तरां भी क्षतिग्रस्त हुए।

एक साथ मलबा आने से करीब पांच फुट मलबा सड़क पर जम गया। सड़क और गांव में एक साथ इतना मलबा आने का कारण सेरकी ग्राम सभा से सरोना को जा रही 16 किलोमीटर लंबी सड़क है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बन रही सड़क के कटान का काम जनवरी माह में ही शुरू हुआ था। लेकिन सड़क से निकल रहे मलबे के लिए कोई डंपिंग जोन नहीं बनाया गया। शुरुआती दो किलोमीटर में रोड़ का काम शुरू होने के साथ मलबे का निस्तारण नहीं किया जा रहा था।मलबा रोड कटान के नीचे जमा होता चला गया। गुरुवार तड़के तेज बारिश के चलते यही मलबा सड़क, घर, खेत और दुकानों में घुस गया। स्थानीय लोग के अनुसार गनीमत यह रही कि मुख्य रोड काफी चौड़ी है और बगल में सोंग नदी का किनारा। जगह पर्याप्त होने के चलते मलबा इसी तरफ अपना रास्ता बनाता गया, वरना सड़क के नीचे बसे जोला सेरकी गांव के 35 परिवार इसकी जद में आ सकते थे।

पिछले कुछ दिनों से पारे में लगातार इजाफा दर्ज किया जा रहा है। हरिद्वार में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। शुक्रवार को देहरादून में अधिकतम तापमान 36.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले तीन दिन से दून का पारा 36 डिग्री सेल्सियस से अधिक बना हुआ है। इसके अलावा अन्य इलाकों में भी तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है।मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आज से प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में आंशिक बादल छाये रह सकते हैं। देहरादून, उत्तरकाशी और चमोली में बारिश के आसार बन रहे हैं। वहीं, कुमाऊं के कुछ क्षेत्रों में भी हल्की बारिश हो सकती है। इसके अलावा शुक्रवार और शनिवार को पौड़ी, पिथौरागढ़, नैनीताल और चंपावत में भारी बारिश को लेकर आरेंज अलर्ट जारी किया गया है। देहरादून में प्री मानसून शावर तेज होने के आसार हैं।

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