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ग्राहक की शिकायतें ब्रांड इक्विटी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाती हैं

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ग्राहकों की सेवा करने वाले संगठन के सीईओ के रूप में, मैं पिछले एक दशक से ग्राहकों की शिकायतें और उलाहना सुन रहा हूं। वर्षों के अनुभव से पता चला है कि शिकायतें हमेशा आपकी कंपनी की कमजोरी या बेकार हो चुके अवसरों का परिचायक नहीं होती है। लेकिन समय के साथ और फिर से यह साबित हो गया है कि अगर सही तरीके से काम किया जाता है, तो ग्राहक की शिकायतें आपके ब्रांड को आगे बढ़ाने के लिए एक सुनहरा मौका प्रदान करती हैं और कई बार व्यापार को नया विस्तार करने का अवसर प्रदान करती हैं।

जब शिक्षा सेवाओं की बात आती है, तो शिकायतों को बहुत सावधानी और ध्यान के साथ निपटारा करने की आवश्यकता होती है क्योंकि वे न केवल ग्राहक के अनुभव को प्रभावित करते हैं, बल्कि छात्रों के भविष्य के कैरियर की संभावनाओं को भी प्रभावित कर सकते हैं। इस उद्योग में बहुत अधिक संघर्ष से षिकायतों और नकारात्मकता से निपटने की आवश्यकता होती है। यह काम कभी आसान नहीं रहा है।

सभी चुनौतियों के बावजूद, हमें कई ग्राहकों के अनुभव से अवगत कराया जा रहा है, जिसने मुझे मानव व्यवहार के बारे में बहुत कुछ सीखने में सक्षम बनाया है। आज मजबूत ब्रांड इस बात की गहरी समझ के आधार पर बनाये जाते हैं कि उपभोक्ता स्थितियों के प्रति कैसा व्यवहार करते हैं और कैसी प्रतिक्रिया करते हैं।

ग्राहकों की शिकायतों को हल करते समय मैंने कई सबक सीखे हैं, जो ब्रांड आकाश पर विश्वास को मजबूत करने में हमारी मदद करने में महत्वपूर्ण साबित हुए हैं।

ईमानदारी ग्राहक की अवधारणा को सुनिश्चित करती है

किसी भी संगठन को हर समय और अपनी कार्य प्रक्रिया के हर पहलू में ईमानदार और पारदर्शी होना पड़ता है, खासकर जब ग्राहक सेवा की बात आती है। ग्राहकों के लिए यह महसूस करना आवश्यक है कि आपकी अखंडता अक्षुण्ण है और आपकी मंशा सही है। ग्राहक की शिकायतों को हल करते समय, आपको स्पष्ट रूप से उस समस्या का समाधान करने की अपनी योजनाओं को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए, कंपनी की किसी भी सीमा के बारे में भी बताना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ग्राहकों को समस्या के समाधान के सभी चरण से अवगत कराया जाए। यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि ईमानदारी और पारदर्शिता ग्राहकों को उनकी अपेक्षाओं का उचित प्रबंधन करने में सक्षम बनाती हंै। कोई भी विपरीत दृष्टिकोण ग्राहकों की कल्पना पर खरा नहीं उतर सकता है, बल्कि इसके विपरीत भ्रम और निराशा पैदा कर सकता है।

प्रोफेषनल को भावनाओं को अपने उपर हावी नहीं होने देना चाहिए

उपभोक्ता के किसी भी टिप्पणी या षिकायत को व्यक्तिगत रूप से लेना या अपनी भावनाओं को नियंत्रित नहीं कर पाना, किसी व्यवसाय के लिए विनाशकारी साबित हो सकता है। जब कोई ग्राहक किसी सेवा के लिए भुगतान करता है, तो वह आम तौर पर स्वामित्व की भावना महसूस करता है और यदि उसकी अपेक्षाओं को पूरा नहीं किया जाता है, तो उसका उत्तेजित होना स्वाभाविक है। आपको यह ध्यान रखना होगा कि आप एक कार्य कर रहे हैं, जो आपकी और आपकी कंपनी की आजीविका मंे मदद करने वाले लोगों के लिए एक समस्या का सबसे अच्छा समाधान खोजने की कोशिश कर रहा है।

कई बार लोग संवाद के लिए लिखित संदेश या ईमेल पर निर्भर करते हैं। हालाँकि, मेरी सलाह यह होगी कि आप दुःखी ग्राहक को तुरंत कॉल करें या उससे मिलें। ग्राहक तक सीधे पहुँचने से मदद करने की तीव्र इच्छा प्रदर्शित होती है। वास्तव में, ज्यादातर मामलों में, समस्या का आधा हल तभी हो जाता है जब ग्राहक को पता चलता है कि उसे सुना गया है। यह कभी भी व्यक्तिगत नहीं होता है और एक सच्चे प्रोफेषन को इसका एहसास बाद में होता है।

विस्तार से ध्यान देना अमूल्य है

एक रणनीतिक और सावधानीपूर्वक जांच प्रणाली होना व्यवसाय और ग्राहक दोनों के लिए फायदेमंद होता है। जैसा कि वे कहते हैं कि ईश्वर हर जगह है, एक बार जब आप किसी समस्या को चरण दर चरण हल करने की कोषिष करते हैं, तो समस्या का स्वरूप, दायरा और क्षेत्र स्पष्ट हो जाता है, जिससे प्रभावी समाधान होने की गंुजाइष होती है। कई बार, संचार और समझ का अंतर होता है, जो जटिलताओं को जन्म देता है। स्वच्छता के ये बुनियादी कदम- हर चीज का गहराई से अध्ययन करने, अंदर की स्थिति की जांच करने, सिर्फ धारणाएं बनाने के लिए नहीं, बल्कि अंततः आपको सही निर्णय लेने में मदद करेंगे। क्रोधित ग्राहक चाहते हैं कि आप उनकी बात ध्यान से सुनें, इसलिए यदि आप उन्हें यह दिखाते हैं कि आपने व्यापक रूप से उस स्थिति की जांच की है, तो उन्हें लगता है कि उनकी बात सुनी गई है और वे सहज महसूस करते हैं। एक टेम्प्लेटेड ईमेल प्राप्त करने से बदतर कुछ भी नहीं है जिससे ग्राहक ऐसा महसूस करते हैं जैसे उन पर व्यक्तिगत ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

किसी ग्राहक को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए

जैसा कि कहावत है ग्राहक राजा होता है। उन्हें आपकी सभी व्यावसायिक रणनीति में सबसे आगे होना चाहिए, खासकर जब उनकी शिकायतों को सुनने की बात आती है। ग्राहकों की उपेक्षा करना केवल अपमानजनक नहीं है, बल्कि आपकी समग्र सफलता के लिए यह घातक है। ग्राहक की शिकायत कभी छोटी या तुच्छ नहीं होती, यही वह फिलाॅस्फी है जिसके साथ आपको काम करना चाहिए। जैसा कि कहा गया है कि अगर समय पर मरहम लगाया जाए तो बड़ा से बड़ा जख्म भी भर जाता है।

यह सुनिश्चित करें कि कोई भी समस्या जो उठी है, वह पूरी तरह से खत्म हो। कई बार जो षिकायतें आती है, उसमें कई विभाग शामिल हो जाते हैं, जिसके कारण ज्यादातर समय ग्राहकों को अतिरिक्त और अनावश्यक ठोकरें खाना पड़ सकता है। इसके अलावा, किसी भी मामले को पूरी तरह से बंद करने के लिए, ग्राहक से संतोषजनक पुष्टि प्राप्त करने के बाद ही किसी कार्य को पूरा समझा जाना चाहिए।

(लेखक आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (एईएसएल) के निदेशक और सीईओ हैं)

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