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कोरोना के खिलाफ जंग में उत्तराखंड के 1800 पूर्व सैनिक भी तैयार

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उत्तराखंड के सैनिकों ने अब रिटायरमेंट जीवन में भी एक नई लड़ाई के लिए कमर कस ली। कोरोना के खिलाफ जारी जंग में सरकार को साथ देने के लिए राज्य के 1800 से ज्यादा पूर्व सैन्य अफसर और सैनिकों ने खुद को वालियंटर के रूप में पेश किया है। कोरोना वारियर बनने के इच्छुक उत्तराखंड के जांबाजों में पौड़ी जिला नंबर वन है। यहां से अब तक 562 पूर्व सैनिकों ने खुद को रजस्टिर्ड कराया है। दूसरे और तीसरे नंबर पर यूएसनगर और पिथौरागढ़ हैं।

सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास निदेशालय के नोडल अफसर कर्नल (सेनि) वीएस थापा के अनुसार पूर्व सैनिकों द्वारा खुद को स्वयं सेवक के रूप में रजस्टिर्ड कराने का सिलसिला जारी है। चूंकि सरकार ने केवल 50 साल साल से कम उम्र के पूर्व सैनिकों से ही आह्वान किया है। इसलिए संख्या अभी कम है। वर्ना अब तक यह संख्या कई गुना ज्यादा बढ़ सकती थी।

मालूम हो कि अब तक 1806 सैन्य अधिकारी और सैनिकों खुद को स्वयंसेवक के रूप सेवाएं देने के लिए रजस्टिर्ड कराया है। इनमें 63 लोग आर्मी मेडिकल कोर से हैं। देहरादून और पिथौरागढ़ के 50 साल से अधिक उम्र के 10 सैन्य अफसरों ने भी अपना नाम स्वयंसेवक के रूप में दर्ज कराया है। मालूम हो कि राज्य में पूर्व सैनिकों की संख्या 1.5 लाख के करीब है।

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