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योगगुरु बाबा रामदेव और आइएमए के मध्य विवाद के मुद्दे को कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधने में देर नहीं की

एलोपैथी चिकित्सा पद्धति को लेकर योगगुरु बाबा रामदेव और आइएमए के मध्य विवाद चल रहे के मुद्दे को कांग्रेस ने लपकते हुए सरकार पर निशाना साधने में देर नहीं की, तो सत्तारूढ़ भाजपा स्वयं को असहज महसूस कर रही है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने इस विषय पर टिप्पणी करने से बचते हुए कहा कि कांग्रेस बेवजह इस मसले का राजनीतिकरण कर रही है। अलबत्ता, राज्य सरकार के प्रवक्ता एवं कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि प्रकरण में कानून अपना काम करेगा।

योगगुरु व आइएमए के मध्य विवाद के सुर्खियां बनने के बाद अब सियासत भी गर्माने लगी है। इस मामले में कांग्रेस ने हमलावर तेवर अख्तियार किए हैं। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि बाबा रामदेव के बयानों ने देश के उन सभी चिकित्सकों का अपमान किया है, जो दिन-रात कोरोना महामारी में मरीजों का समर्पण और प्रतिबद्धता से इलाज कर रहे हैं। बाबा रामदेव का बयान चिकित्सकों का मनोबल गिराने वाला है। उनके द्वारा चिकित्सा पद्धति का उपहास तो उड़ाया ही गया, टीकाकरण पर भी गंभीर सवाल उठाए गए।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आचार्य बालकृष्ण ने इस पूरे प्रकरण को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की है। उन्होंने यह भी कहा कि टीकाकरण को लेकर प्रधानमंत्री से सवाल पूछे गए तो कार्यकर्त्‍ताओं पर मुकदमे किए जाते हैं। बाबा रामदेव किस योग्यता और आधार पर 25 सवाल दाग रहे हैं। जिस तरह एक व्यक्ति सभी चिकित्सकों पर हावी है और सत्तापक्ष चुप है, यह इशारा है कि बाबा रामदेव को सत्तापक्ष का संरक्षण हासिल है।

उधर, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने इस मामले में सीधे कोई टिप्पणी नहीं की। हालांकि, यह जरूर कहा कि कांग्रेस के पास न तो कोई मुद्दा है न कोई काम। इसीलिए कांग्रेस बेवजह यह मुद्दा उछाल रही है। सरकार के प्रवक्ता एवं कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि आइएमए ने बाबा रामदेव को नोटिस भेजा है। इस मामले में कानून अपना काम करेगा। कानून से ऊपर कोई नहीं है।

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