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चुनावी साल में कांग्रेस अपना कुनबा बढ़ाने में अभी सफल नहीं हो पा रही

चुनावी साल में कांग्रेस अपना कुनबा बढ़ाने में अभी सफल नहीं हो पा रही। गढ़वाल में दो विधायकों के भाजपा का दामन थामने के बाद अब भीमताल से निर्दलीय विधायक राम सिंह कैड़ा भी पार्टी बीजेपी में शामिल हो गए। कैड़ा 2017 से पहले कांग्रेसी हुआ करते थे। लेकिन पार्टी से टिकट नहीं मिलने पर बगावत कर दी। और निर्दलीय विधायक के तौर पर जीतकर आ गए। लंबे समय से उनकी भाजपा में जाने की चर्चाएं चल रही थी।हाल में गढ़वाल से निर्दलीय विधायक प्रीतम सिंह पंवार ने भाजपा का दामन थामा था। इसके बाद उत्तरकाशी के पुरोला से कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने राजकुमार ने पार्टी को अलविदा कह भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली।  अब भीमताल से निर्दलीय विधायक राम सिंह कैड़ा के भाजपा से जुडऩे पर चुनाव छह महीने पहले कांग्रेस भी असमंजस में नजर आ रही है। 2016 में उसके नेताओं ने बागी बन पार्टी को तगड़ा झटका दिया था।

नतीजन सत्ताधारी पार्टी 11 विधायकों पर सिमट गई थी। वहीं, अब चुनाव से पहले प्रचंड बहुमत होने के बावजूद भाजपा अपना कुनबा बढ़ाने के हरसंभव प्रयास में जुटी है। सटीक रणनीति की बदौलत फिलहाल वह अपने उद्देश्य में सफल भी नजर आ रही है।2012 के चुनाव में राम सिंह कैड़ा ने कांग्रेस के टिकट पर भीमताल से विधायक का चुनाव लड़ा था। लेकिन हार गए। 2017 में उन्होंने पार्टी से दोबारा टिकट मांगा। लेकिन उनकी जगह भाजपा छोड़ कांग्रेस में आए दान सिंह भंडारी को टिकट थमा दिया गया। नाराज कैड़ा ने बगावती तेवर दिखा निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीत भी हासिल की।

 

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