उत्तराखंड ऊर्जा निगम करोड़ों के घपले में 13 इंजीनियरों के खिलाफ चार्जशीट

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यूपीसीएल के 13 इंजीनियरों को करोड़ों के घपले में जांच समिति ने चार्जशीट जारी कर दी। इनमें जूनियर इंजीनियर से लेकर मुख्य अभियंता तक शामिल हैं।चार्जशीट 16 वर्ष पूर्व एक कंपनी से कराए गए काम में हुई कोताही पर जारी हुई। यूपीसीएल पर बेवजह 32 करोड़ का वित्तीय भार पड़ा।

ऊर्जा सचिव राधिका झा पूर्व में कार्रवाई के आदेश दे चुकी थीं। उनके दखल के बाद ही जांच शुरू हुई। यूपीसीएल ने तो 15 वर्ष तक इस मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई तो दूर, नोटिस तक नहीं दिया था। जांच समिति के अध्यक्ष एवं मुख्य अभियंता रजनीश अग्रवाल और निदेशक (एचआर) एके सिंह ने चार्जशीट देने की पुष्टि की है।

यह है मामला: यूपीसीएल ने 2004 में एक कंपनी से बिजलीघर बनाने, अन्य 30 करोड़ के कामों के छह एग्रीमेंट किए। इस पर 28 करोड़ से ज्यादा का भुगतान हुआ। कुछ अफसरों ने कई काम एग्रीमेंट से बाहर जाकर कराए और मंजूरी न लेने का भी आरोप लगा। भुगतान के वक्त दो करोड़ की फाइल रोकी गई। कंपनी कोर्ट पहुंची तो कोर्ट के निर्देश पर आर्बिटे्रटर नियुक्त हुए और दो करोड़ रुपये के काम का 32 करोड़ रुपये भुगतान का फैसला कंपनी के पक्ष में आ गया।

32 करोड़ चुकाने होंगे
यूपीसीएल को 32 करोड़ में से 30 करोड़ बिना किसी काम के ही देने हैं। कंपनी को भुगतान में जितनी देरी होगी, यूपीसीएल को 12.50% ब्याज दर से पैसा चुकाना होगा। ऐसे में हर रोज एक लाख का जुर्माना बढ़ता जा रहा है।

इन्हें जारी हुई चार्जशीट
मुख्य अभियंता आरएस बर्फाल, जीएम मोहम्मद इकबाल, एसई डीएस खाती, मोहित जोशी, राहुल जैन, आरसी मयाल, ईई वीरेंद्र सिंह पंवार, वाईएस तोमर समेत तीन एई और दो जेई को चार्जशीट जारी की गई।