Latest:
Home उत्तराखंड स्लाइड

वर्दी पर कैमरा लगाकर बंदियों पर नजर रखेंगे बंदी रक्षक, विभाग ने तीन करोड़ रुपये आवंटित किये

Facebooktwittermailby feather

जेलों में निगरानी व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए अब बंदी रक्षकों की वर्दी पर कैमरे (बॉडी वार्न कैमरा) लगाए जाएंगे। इससे जेल परिसर में चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा सकेगी। इसके अलावा प्रदेश की जेलों में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे। इन सबके लिए सभी जेलों को कुल तीन करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

पिछले दिनों अस्थाई जेलों से बंदियों के फरार होने के मामले सामने आए थे। इसके बाद अब जेलों की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए निगरानी व्यवस्था पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है। जेलों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की योजना काफी पहली थी, लेकिन अब इसे अंतिम रूप दिया जा रहा है।
आईजी जेल के मुताबिक सभी जेलों को तीन करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। अब बंदी रक्षक सामान्य तरीके से पहरा नहीं देंगे। उनकी वर्दी पर अब अत्याधुनिक कैमरे लगाए जाएंगे। ताकि, वे कहीं भी जाएं हर प्रकार की गतिविधि पर उनकी नजर रहे। पहरा देने से लेकर बंदियों से बातचीत करने तक हर गतिविधि को रिकॉर्ड किया जाएगा। इसके साथ ही मुलाकातियों पर भी नजर रखी जा सकेगी।
शुरूआत में पांच जेलों में लगेंगे सीसीटीवी कैमरे

आईजी के मुताबिक सीसीटीवी कैमरे प्रदेश की सभी 11 जेलों में लगाए जाएंगे। लेकिन, इसके लिए सबसे पहले पांच जेलों को चुना गया है। इनमें देहरादून, हरिद्वार, रुड़की, सितारगंज और नैनीताल शामिल हैं। यहां पर मुलाकातियों भी विशेष नजर रखी जाएगी।

अस्थाई जेलों में भी निगरानी के लिए फोर्स तैनात की जाएंगी। इसके साथ ही फौरी तौर पर यहां भी सीसीटीवी से नजर रखी जाएगी। अब इन जेलों में हर बंदी को लंबे समय तक नहीं रखा जा रहा है। केवल पॉजिटिव बंदियों को ही यहां रखने की व्यवस्था है। रिपोर्ट निगेटिव आते ही उसे जेल में भेज दिया जाता है।

 

Similar Posts

© 2015 News Way· All Rights Reserved.