दुखद : देहरादून से रुद्रप्रयाग जा रहे थे भाई-बहन, झील में समाई कार बहन की मौत, भाई लापता

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दुखद खबर : देहरादून के रहने वाले अभिषेक रावत अपनी बहन दीक्षा समेत तीन लोगों के साथ देहरादून से रुद्रप्रयाग के लिए रवाना हुए थे। दोनों भाई-बहन ऊखीमठ ( अपना गॉव ) जा रहे थे, ताकि अपने परिजनों के साथ सुकून के कुछ पल बिता सकें, लेकिन एक ही रात में सबकुछ खत्म हो गया। जिस कार से अभिषेक, दीक्षा और आशु रुद्रप्रयाग के लिए निकले थे, वो देर रात  दुर्घटना के चलते टिहरी झील में समा गई। हादसे के वक्त गाड़ी अवतार सिंह नाम का ड्राइवर चला रहा था। बुधवार सुबह जब ये लोग ऊखीमठ नहीं पहुंचे तो परिजनों को अनहोनी की आशंका सताने लगी। परिजनों ने अभिषेक और दीक्षा को फोन लगाया, लेकिन फोन नहीं लगा। बुधवार शाम तक भी जब इन लोगों का कुछ पता नहीं चला तो परिजनों ने पुलिस को खबर दी। पुलिस ने गाड़ी को ट्रेस करने की कोशिश तो पता चला कि नई टिहरी-बीपुरम मोटर मार्ग पर जीरो प्वॉइंट के पास पैराफिट टूटा हुआ है, यहां कुछ बैग भी पड़े हुए थे। इसके बाद वाहन की तलाश शुरू हुई।

गुरुवार को एक बार फिर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। इस दौरान पुलिस टीम को 23 साल की दीक्षा पुत्री युद्धवीर सिंह रावत निवासी ग्राम मोली ऊखीमठ का शव मिला। बेटी की लाश मिलते ही दीक्षा के माता-पिता पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जिस बेटी को माता-पिता ने बड़े नाजों से पाल-पोसकर बड़ा किया था, वो उनके सामने बेजान पड़ी थी। टिहरी झील में सर्च ऑपरेशन अब भी जारी है। हादसे का शिकार हुए वाहन में ड्राइवर समेत चार लोग सवार थे। पुलिस के अनुसार मंगलवार रात दस बजे मयूर विहार, सहस्रधारा रोड से अभिषेक रावत, बहन दीक्षा और आशु के साथ ग्राम-मौली ऊखीमठ, रुद्रप्रयाग के लिए निकले थे। कार अवतार सिंह चला रहा था। इसी दौरान कार नई टिहरी-बीपुरम मोटर मार्ग पर जीरो प्वॉइंट के पास टिहरी झील में समा गई। पुलिस ने दीक्षा रावत का शव बरामद कर लिया है। अन्य तीन लापता लोगों की तलाश की जा रही है। वहीं वाहन का भी कुछ पता नहीं चला है। राहत बचाव अभियान अभी भी जारी है।