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भाजपा के प्रत्याशी घोषित के साथ ही पार्टी में असंतोष के स्वर भी फूटने लगे

उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने 59 सीटों के लिए प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। इसके साथ ही पार्टी में असंतोष के स्वर भी फूटने लगे हैं। कहीं, सिटिंग विधायक टिकट कटने से नाखुश हैं तो कहीं कार्यकर्त्ताओं ने पार्टी नेतृत्व पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई है। कई विधानसभा सीट पर भाजपा कार्यकर्त्ताओं के पार्टी से इस्तीफा देने की भी सूचना है। हालांकि, इस सब के बीच पार्टी के प्रदेश नेतृत्व ने स्थिति नियंत्रण में बताते हुए सभी को साधे जाने का दावा किया है। कार्यकर्त्ताओं और सिटिंग विधायकों के असंतोष का भाजपा की जीत-हार पर क्या असर पड़ेगा, यह तो आने वाला समय बताएगा। लेकिन, हर बार की तरह इस बार भी टिकट तय होने पर कहीं खुशी कहीं गम का माहौल तो लाजिमी है।

प्रत्याशियों की घोषणा के बाद देहरादून की सीटों पर भी कुछ दावेदार और कार्यकत्र्ता पार्टी के निर्णय पर सवाल उठाने लगे हैं। धर्मपुर सीट पर सिटिंग विधायक विनोद चमोली को दोबारा मौका दिए जाने पर अपनी दावेदारी पेश कर रहे पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्त्ता वीर सिंह पंवार ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का एलान किया है।टिहरी जिले की धनोल्टी सीट पर अभी कुछ महीने पहले ही भाजपा में शामिल हुए प्रीतम पंवार को टिकट दिए जाने के बाद पूर्व विधायक महावीर रांगड़ असंतुष्ट नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कार्यकर्त्ताओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए वह निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे।सिटिंग विधायक शक्तिलाल शाह को टिकट मिलने पर भाजपा नेता दर्शनलाल ने असंतोष जाहिर किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सूची जारी होने के बाद ही वह कार्यकर्त्ताओं से राय लेकर अगला कदम उठाएंगे।थराली सीट से विधायक रहीं मुन्नी देवी शाह ने टिकट कटने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने पार्टी नेतृत्व से टिकट काटने का कारण पूछा है। उनका कहना है कि यदि सिटिंग विधायक का टिकट काटना ही था तो युवा और पार्टी में निष्ठावान कार्यकर्त्ता को मौका दिया जाना चाहिए था। भाजपा में कांग्रेस से आए नए दावेदार को टिकट देने से कार्यकर्त्ताओं का मनोबल टूटा है।

रुड़की विधानसभा सीट पर सिटिंग विधायक का टिकट फाइनल होने पर दावेदारी पेश कर रहे पूर्व प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य नितिन शर्मा ने नाराजगी जताते हुए निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला लिया है। वहीं, भगवानपुर में भी भाजपा मंडल अध्यक्ष ने प्रत्याशी के नाम पर असहमति जताते हुए पार्टी से इस्तीफा देने का एलान किया है।चमोली जिले की कर्णप्रयाग विधानसभा सीट पर भाजपा की ओर से पूर्व विधायक अनिल नौटियाल को टिकट दिए जाने के बाद असंतोष के स्वर बुलंद हो गए हैं। टिकट न मिलने से खफा भाजपा के वरिष्ठ नेता व टिकट के दावेदार टीका प्रसाद मैखुरी ने निर्दलीय ताल ठोकने का निर्णय लिया है।भाजपा के टिकट आवंटित होने के बाद उत्तरकाशी जिले में नाराज होने वाले दावेदारों में सबसे अधिक गंगोत्री सीट पर हैं। जिनमें भाजपा युवा मोर्चा के गढ़वाल सह संयोजक पवन नौटियाल, चारधाम विकास परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष सूरत राम नौटियाल, भाजपा के पूर्व जिला संयोजक जगमोहन रावत, स्व. गोपाल रावत की पत्नी शांति गोपाल रावत शामिल हैं। गंगोत्री विधानसभा से टिकट न मिलने पर खासे नाराज पवन नौटियाल ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का एलान किया है।इस सीट पर भाजपा प्रदेश प्रवक्ता मनवीर चौहान टिकट न मिलने से असंतुष्ट बताए जा रहे हैं। जबकि वरिष्ठ कार्यकर्त्ता जगवीर भंडारी ने भी नाराजगी जाहिर की है। दोनों से संपर्क कर उनकी प्रतिक्रिया जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनके फोन स्विच आफ मिले।

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