उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय और तीन विधायकों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी, 23 अक्टूबर को होगी सुनवाई….

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उत्तराखंड के जसपुर में जाम लगाकर लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत करने के मुकदमे में सिविल जज (सी.डि) एसीजेएम की अदालत ने शिक्षामंत्री अरविंद पांडेय समेत चार विधायकों और 12 अन्य के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। अक्तूबर 2019 में कोर्ट ने सरकार की ओर से मुकदमा वापसी के लिए दाखिल प्रार्थना पत्र सुनवाई के बाद खारिज कर दिया था। मामले में सुनवाई के लिए 23 अक्तूबर की तिथि नियत की गई है।

जून 2012 में जसपुर में एक युवती को दूसरे समुदाय का युवक भगा ले गया था। 26 जून को मामले में जसपुर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। 15 जुलाई 2012 को युवती की बरामदगी की मांग को लेकर भाजपा नेताओं संग लोगों ने सुभाष चौक पर जाम लगाकर हाईवे बाधित कर दिया था। मामले में तत्कालीन कोतवाल जेसी पाठक की तहरीर पर पूर्व सांसद बलराज पासी, काशीपुर विधायक हरभजन सिंह चीमा, गदरपुर विधायक (अब शिक्षा मंत्री) अरविंद पांडेय, रुद्रपुर विधायक राजकुमार ठुकराल, आदेश चौहान (अब जसपुर विधायक),  खिलेंद्र चौधरी, अजय कुमार, सीमा चौहान, शीतल जोशी समेत 15 लोगों को नामजद करते हुए अन्य के खिलाफ सरकारी कामकाज में बाधा डालने और धार्मिक उन्माद फैलाने के आरोप में केस दर्ज किया था।
विवेचनाधिकारी तत्कालीन एसएसआई भीम भास्कर आर्य ने कोर्ट में चार्जशीट पेश की थी। आरोपी पक्ष ने 22 अगस्त 2014 को हाईकोर्ट में याचिका दायर कर एफआईआर को चुनौती दी थी। 26 जुलाई 2019 को सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने यह याचिका खारिज कर दी। सरकार की ओर से अभियोजन अधिकारी ने जनहित में केस वापसी के लिए प्रार्थना पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था। सुनवाई के बाद अदालत ने यह प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया था।

आरोपी पक्ष ने इस निर्णय के खिलाफ जिला एवं सत्र न्यायालय में निगरानी वाद दायर किया था। यह निगरानी वाद भी सुनवाई के बाद खारिज हो गया। जिला अदालत ने यह मुकदमा काशीपुर की सिविल जज (सी.डि)/ एसीजेएम अदालत को भेजा दिया था। अदालत ने इस मामले में आरोपी मंत्री अरविंद पांडेय, विधायक हरभजन सिंह चीमा, आदेश चौहान, राजकुमार ठुकराल, पूर्व सांसद बलराज पासी, सीमा चौहान समेत 16 आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए हैं।