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उत्तराखंड: दो दिनों तक बारिश के बाद आज खिली धूप ,ठिठुरन से मिली राहत

Maroda Thalisain

उत्तराखंड के सभी इलाकों में गुरुवार को मौसम साफ बना हुआ है। यहां सुबह से ही अधिकतर इलाकों में धूप खिली हुई है। उत्तराखंड मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य में गुरुवार को मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई है। साथ ही मैदानी क्षेत्रों के कुछ जिलों में कोहरा छाए रहने के आसार हैं।

 

नीती और माणा हाईवे पर जमीं बर्फ को हटाना शुरू

गुरुवार को सीमा सड़क संगठन ने चमोली में चीन सीमा क्षेत्र में नीती और माणा हाईवे पर जमीं बर्फ को हटाना शुरू कर दिया। बदरीनाथ हाईवे पर हनुमान चट्टी से आगे बर्फ जमी हुई है, जबकि जोशीमठ-मलारी हाईवे पर मलारी से आगे हाईवे अवरुद्ध है।सेना और आईटीबीपी के वाहनों की आवाजाही को सुचारु करने के लिए बीआरओ की ओर से दोनों हाईवे पर जमीं बर्फ को जेसीबी मशीन से हटाया जा रहा है। बीआरओ के अधिकारियों ने बताया कि दोनों हाईवे पर भारी मात्रा में बर्फ जमीं हुई है। बर्फ को हटाने का काम शुरू कर दिया है। जल्द ही बर्फ हटाकर हाईवे को सुचारु कर लिया जाएगा।

दून समेत विभिन्न स्थानों पर हुई बारिश, ऊंची पहाड़ियों पर गिरी बर्फ

देहरादून समेत प्रदेशभर में बुधवार को विभिन्न स्थानों पर झमाझम बारिश हुई। वहीं कई ऊंची पहाड़ियों पर बर्फबारी हुई। इससे अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। दोपहर बाद मौसम साफ होने से लोगों को ठिठुरन से राहत भी मिली।

 

मंगलवार देर रात 2:30 बजे शहर के कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई थी। बुधवार तड़के होते होते तेज बौछारें पड़ने लगीं। शहर के कई स्थानों पर दोपहर तक रुक-रुक कर बारिश होती रही। इससे जहां एक तरफ लोगों को सूखी ठंड से निजात मिली, वहीं तापमान गिरने से ठिठुरन बढ़ गई। हालांकि दोपहर बाद मौसम साफ होने से तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई.

ऊंची चोटियों ने ओढ़ी बर्फ की सफेद चादर 

चकराता/विकासनगर में तीन दिनों से रूक-रूक जारी बारिश के बाद चकराता की ऊंची चोटियों ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली। दूर से ही बर्फ से आच्छादित ये ऊंची चोटियां पर्यटकों को खासा आकर्षित कर रही है। वहीं चकराता और लोखंडी में बर्फबारी न होने से पर्यटक खासा निराश हुए।

 

बुधवार की दोपहर बाद ऊंची चोटियों से लेकर मैदानी इलाकों में धूप खिली रही। जिसके चलते लोगों ने राहत महसूस की, लेकिन शाम को चली हवाओं ने ठंड में एक बार फिर इजाफा कर दिया। जगह-जगह लोग अलाव और हीटर तापते नजर आए। चकराता का अधिकतम तापमान नौ डिग्री और न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री रिकॉर्ड किया गया।

 

मालूम हो कि बीते रविवार की रात से ही क्षेत्र में रूक-रूक कर बारिश का दौर जारी है। मंगलवार की रात भी क्षेत्र में बारिश होती रही। जिससे लोगों को ऊंची चोटियों पर बर्फबारी की अच्छी उम्मीद थी लेकिन, यह उम्मीद धरी की धरी रह गई। देववन, खंडबा, मोयला टॉप, मुंडाली में हल्की बर्फबारी हुई। वहीं लोखंडी और चकराता में बर्फबारी नहीं हुई।

 

दोपहर दो बजे बाद आसमान में चटक धूप निकल आई। जिससे लोगों को थोड़ी राहत महसूस की। मैदानी इलाकों में भी कमावेश मौसम के ऐसे ही रंग देखने को मिले। जहां दोपहर बाद धूप निकल आई लेकिन, शाम ढलने के बाद ठंडी हवाएं चलने लगी। विकासनगर का अधिकतम तापमान 19 डिग्री और न्यूनतम 09 डिग्री रहा।

लैंसडौन : ताड़केश्वर की पहाड़ियों पर हुआ मौसम का पहला हिमपात 

तीन दिनों से रुक रुक कर हो रही बारिश के बीच लैंसडौन में हिमपात के आसार बनते बनते रह गए। वहीं ताड़केश्वर की पहाड़ियों पर रात मौसम का पहला हिमपात हुआ। जिससे पहाड़िया बर्फ की सफेद चादर से ढकी रही। लैंसडौन में बर्फबारी का नजारा देखने के लिए आए पर्यटकों को निराशा हाथ लगी।

तीन जनवरी से लैंसडौन और निकटवर्ती क्षेत्रों में रुक रुक कर बारिश हो रही है। मंगलवार रात भर आकाश पर बदल छाए रहे रात 1 बजे से सुबह 6 बजे तक मूसलाधार बारिश का दौर चला। जिससे लैंसडौन का तापमान 3 डिग्री के आसपास रहा। बुधवार सुबह एक बार फिर सात बजे के आसपास मौसम बिगड़ा आसमान में काले बादल छाते ही तापमान 1 डिग्री पहुंच गया।

 

इसके बाद रिमझिम बारिश के बीच हल्के ओले के गिरने लगे। हल्के ओले गिरते ही बर्फबारी होने के आसार में पर्यटकों के चेहरे खिल गए और वे हिमपात देखने के लिए होटलों से बाहर निकल आए। लेकिन, कुछ देर बाद बारिश थमने और हिमपात नहीं होने के कारण पर्यटक मायूस हो गए। उधर, मंगलवार को रातभर हुई बारिश के बाद ताड़केश्वर क्षेत्र की पहाड़ियों में सीजन का पहला हिमपात हो गया। बर्फबारी देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पर्यटक ताड़केश्वर पहुंच गए। उन्होंने बफबारी का जमकर लुत्फ उठाया।

 

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