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2011-विश्वकप विजेता भारतीय क्रिकेट टीम को भी ठग चुका है आम्रपाली

सुप्रीम कोर्ट से लगातार फटकार खा रहे आम्रपाली बिल्डर ने केवल आम फ्लैट खरीदारों को ही नहीं ठगा। बिल्डर की मनमानी का शिकार कई विशिष्ट लोग और देश की जानी-मानी हस्तियां भी हुई हैं। इसमें वर्ष 2011 में विश्वकप जीतने वाली भारतीय क्रिकेट टीम भी शामिल है। बिल्डर ने विश्वकप के तुरंत बाद अपने नोएडा स्थित प्रोजेक्ट में भारतीय टीम के सभी खिलाड़ियों को करोड़ों रुपये कीमत का विला देने की घोषणा की थी। हालांकि आज तक बिल्डर ने एक भी क्रिकेटर को विला नहीं दिया है।

विश्वविजेता भारतीय टीम को विला देने की घोषणा करते ही आम्रपाली बिल्डर सुर्खियों में छा गया। बिल्डर ने इस पब्लिसिटी स्टंट को वक्त-वक्त पर खूब भुनाया। इस घोषणा के बाद बिल्डर विज्ञापनों के जरिए खरीदारों को क्रिकेटरों का पड़ोसी बनाने का झांसा देने लगा। बिल्डर का ये पैंतरा कामयाब रहा और उसके प्रोजेक्टों में फ्लैटों की बुकिंग तेज हो गई। बावजूद अब तक बिल्डर ने न तो क्रिकेटरों को उनका विला दिया और न ही फ्लैट खरीदारों को उनके घर मिले।

यही वजह है कि आम्रपाली प्रोजेक्ट में फ्लैट बुक कराने वाले लगभग 42000 खरीदार वर्षों से अपने सपनों का घर मिलने की बांट जोह रहे हैं। ये लोग बैंक क किस्त भी दे रहे और फ्लैट न मिलने की वजह से हजारों रुपये का किराया भी देने को मजबूर हैं। ज्यादातर फ्लैट खरीदार बिल्डर को 90-95 फीसद का भुगतान कर चुके हैं। इनमें बहुत से ऐसे फ्लैट खरीदार हैं, जिन्होंने मजबूरी में बैंक की किश्त देना बंद कर दिया। ऐसे में बैंक ने उन्हें डिफॉल्टर घोषित कर दिया है। डिफॉल्टर घोषित हो चुके ऐसे फ्लैट खरीदारों को अब भविष्य में भी किसी बैंक से लोन मिलने की उम्मीद न के बराबर है।

आम्रपाली बिल्डर द्वारा विश्वविजेता भारतीय क्रिकेट टीम को विला देने की हवा-हवाई घोषणा पर वर्ष-2016 में गेंदबाज हरभजन सिंह ने सोशल मीडिया पर नाराजगी व्यक्त की थी। दरअसल वर्ष-2016 में ही पूर्व क्रिकेट कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ने बिल्डर के साथ ब्रांड अंबेसडर के अनुबंध को समाप्त कर दिया था।

इस पर हरभजन सिंह ने ट्वीट कर धोनी को बधाई थी। साथ ही हरभजन ने लिखा थी कि उन्होंने (बिल्डर ने) हमें अब तक विला भी नहीं दिया, जिसकी घोषणा उसने वर्ष-2011 में विश्वकप जीतने के बाद की थी।

धोनी को भी सुननी पड़ी थी लोगों की खरी

लंबे लमय तक आम्रपाली बिल्डर का ब्रांड अंबेससडर रहने के कारण वर्ष-2016 में पूर्व क्रिकेट कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी को भी लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा था। इसके लिए ट्वीटर और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया साइट पर फ्लैट खरीदारों ने धोनी को ट्रोल किया था।

ब्रांड अंबेसडर होने और विज्ञापन करने की वजह से लोग धोनी से ही फ्लैट दिलाने की मांग करने लगे थे। लोगों की नाराजगी को देखते हुए धोनी ने तत्काल बिल्डर से ब्रांड अंबेसडर का अनुबंध खत्म कर दिया था।

बिल्डर ने धोनी को भी लगाया 150 करोड़ का चूना

आम्रपाली बिल्डर ने केवल अपने खरीदारों को ही नहीं बल्कि अपने पुराने ब्रांड अंबेसडर रहे भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी के साथ भी 150 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है। मामले में महेन्द्र सिंह धोनी ने भी बिल्डर के खिलाफ कोर्ट में केश दायर कर रखा है। मालूम हो कि महेन्द्र सिंह धोनी लंबे समय तक आम्रपाली ग्रुप के ब्रांड अंबेसडर रहे हैं। आम्रपाली के तमात बिल्डर प्रोजेक्ट को उन्होंने प्रमोट किया है। इसी वजह से धोनी को वर्ष 2016 में बिल्डर के फ्लैट खरीदारों के गुस्से का भी सामना करना पड़ा था।

बिल्डर द्वारा ठगे गए लोगों ने उस वक्त सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक महेन्द्र सिंह धोनी के खिलाफ भी धरना-प्रदर्शन किया था। लोग धोनी से अपना घर दिलाने की मांग करने लगे थे। इसके बाद धोनी ने बिल्डर कंपनी से अपना अनुबंध समाप्त कर दिया था। कुछ समय पहले धोनी ने बिल्डर कंपनी के खिलाफ 150 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का केस कोर्ट में दायर किया है। धोनी के अनुसार बिल्डर कंपनी ने उन्हें भी धोखा दिया है। कंपनी ने उन्हें भी अनुबंध के अनुरूप विज्ञापन के 150 करोड़ रुपये अब तक नहीं दिए हैं।

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