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हरिद्वार जिले में त्रिस्तरीय पंचायतें (ग्राम, क्षेत्र व जिला) प्रशासकों के हवाले

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हरिद्वार जिले में त्रिस्तरीय पंचायतें (ग्राम, क्षेत्र व जिला) प्रशासकों के हवाले होंगी। वहां ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 29 मार्च को समाप्त होने जा रहा है, जबकि जिला पंचायत का 16 मई और क्षेत्र पंचायतों का कार्यकाल 10 जून को खत्म होगा। पंचायतीराज एक्ट के मुताबिक कार्यकाल खत्म होने से 15 दिन पहले चुनाव न होने पर पंचायतों में छह माह के लिए प्रशासक बैठाए जा सकते हैं। इसे देखते हुए शासन कवायद में जुट गया है। हरिद्वार में पंचायतों में प्रशासकों की तैनाती के सिलसिले में फाइल अनुमोदन के लिए विभागीय मंत्री अरविंद पांडेय को भेजी गई है। 13 जिलों वाले उत्तराखंड में हरिद्वार एकमात्र ऐसा जिला है, जहां पंचायत चुनाव अन्य जिलों के साथ नहीं हो पाते। वहां त्रिस्तरीय पंचायतों का गठन अन्य जिलों से सालभर बाद होता है। राज्य गठन के वक्त से ही यह क्रम बना हुआ है। यही कारण भी है कि अक्टूबर 2019 में हुए पंचायत चुनावों में हरिद्वार में चुनाव नहीं हो पाए थे। हरिद्वार में पिछले पंचायत चुनाव वर्ष 2015 के आखिर में हुए थे। जिले में 29 मार्च 2016 को ग्राम पंचायतों, 16 मई को जिला पंचायत और 10 जून को क्षेत्र पंचायतों की पहली बैठक हुई थी।

हरिद्वार जिले में त्रिस्तरीय पंचायतें (ग्राम, क्षेत्र व जिला) प्रशासकों के हवाले होंगी। वहां ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 29 मार्च को समाप्त होने जा रहा है, जबकि जिला पंचायत का 16 मई और क्षेत्र पंचायतों का कार्यकाल 10 जून को खत्म होगा। पंचायतीराज एक्ट के मुताबिक कार्यकाल खत्म होने से 15 दिन पहले चुनाव न होने पर पंचायतों में छह माह के लिए प्रशासक बैठाए जा सकते हैं। इसे देखते हुए शासन कवायद में जुट गया है।

हरिद्वार में पंचायतों में प्रशासकों की तैनाती के सिलसिले में फाइल अनुमोदन के लिए विभागीय मंत्री अरविंद पांडेय को भेजी गई है। 13 जिलों वाले उत्तराखंड में हरिद्वार एकमात्र ऐसा जिला है, जहां पंचायत चुनाव अन्य जिलों के साथ नहीं हो पाते। वहां त्रिस्तरीय पंचायतों का गठन अन्य जिलों से सालभर बाद होता है। राज्य गठन के वक्त से ही यह क्रम बना हुआ है। यही कारण भी है कि अक्टूबर 2019 में हुए पंचायत चुनावों में हरिद्वार में चुनाव नहीं हो पाए थे। हरिद्वार में पिछले पंचायत चुनाव वर्ष 2015 के आखिर में हुए थे। जिले में 29 मार्च 2016 को ग्राम पंचायतों, 16 मई को जिला पंचायत और 10 जून को क्षेत्र पंचायतों की पहली बैठक हुई थी। वर्तमान में हरिद्वार में कुंभ का आयोजन होना है तो कोरोना का खतरा भी अभी तक टला नहीं है।जाहिर है कि इन परिस्थितियों में हरिद्वार में फिलवक्त पंचायत चुनाव की स्थिति नहीं बन पा रही है। ऐसे में पंचायतीराज एक्ट के तहत पंचायतों में प्रशासक बैठाने की तैयारी है। पंचायतीराज विभाग के सूत्रों के मुताबिक विभागीय मंत्री से अनुमोदन मिलने के बाद एक-दो दिन के भीतर सभी 306 ग्राम पंचायतों में प्रशासकों की नियुक्ति के आदेश शासन द्वारा जारी कर दिए जाएंगे। इसी तरह जिला पंचायत व छह क्षेत्र पंचायतों में भी प्रशासकों की नियुक्ति की जाएगी।

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