Home देश बिज़नेस स्लाइड

1 अप्रैल से बदल जाएंगे इन 10 बैंकों के नाम

Facebooktwittermailby feather

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के 10 बैंकों का विलय कर चार बड़े बैंक बनाने है. उन्होंने कहा कि विलय एक अप्रैल 2020 से प्रभाव में आ जायेगा, सीतारमण ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने विलय प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है और सरकार संबंधित बैंकों के साथ लगातार संपर्क में है | उन्होंने कहा कि इसमें कोई नियामकीय मुद्दा नहीं होगा, वित्त मंत्री ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘बैंक विलय का काम पटरी पर है और संबंधित बैंकों के निदेशक मंडल पहले ही निर्णय कर चुके हैं.”विलय का मकसद देश में वैश्विक आकार के बड़े बैंक बनाना है.
सहकारी बैंकों को रिजर्व बैंक के नियमन के दायरे में लाने की तैयारी, विधेयक को बजट सत्र में मिल सकती है मंजूरी

उल्लेखनीय है कि सरकार ने पिछले साल अगस्त में बड़ा फैसला लेते हुए सार्वजनिक क्षेत्र के 10 बैंकों का विलय कर चार बैंक बनाने की घोषणा की. इससे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की संख्या घटकर 12 पर आ गयी जो 2017 में 27 थी. इस निर्णय के तहत यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया और ओरिएंटल बैंक ऑफ कामर्स का विलय पंजाब नेशनल बैंक में, सिंडिकेट बैंक का केनरा बैंक में, इलाहाबाद बैंक का इंडियन बैंक में और आंध्र बैंक तथा कॉरपोरेशन बैंक का विलय यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में करने का प्रस्ताव है. पिछले साल देना बैंक और विजया बैंक का बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय कर दिया गया है.

Similar Posts

© 2015 News Way· All Rights Reserved.