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यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के पिता आनंद सिंह बिष्ट की ये आखरी इच्छा नहीं हो सकी पूरी

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के पिता आनंद सिंह बिष्ट की अपने पैतृक गांव पंचूर में अंतिम सांस लेने की इच्छा पूरी नहीं हो सकी। उनकी इच्छा पूरी करने के लिए परिजनों ने दिल्ली में तैयारी भी कर ली थी, लेकिन ईश्वर को शायद कुछ और ही मंजूर था। दरअसल, उन्हें पहाड़ के अपने पैतृक गांव से बेहद लगाव था, जिसके लिए उन्होंने कभी मैदानी क्षेत्रों और शहरों की सुख सुविधाओं को तवज्जो नहीं दी। वह अपने पूरे जीवनकाल में गांव में ही डटे रहे।

योगी के छोटे भाई शैलेंद्र और महेंद्र बताते हैं कि एम्स में उपचार के दौरान जब उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ तो वे उन्हें इसी हालत में पैतृक गांव पंचूर लाना चाह रहे थे। परिजनों ने उन्हें गांव ले जाने के लिए लाइफ सपोर्ट सिस्टम भी ले लिया था। इसके लिए एक एंबुलेंस भी बुक कर ली गई थी। लेकिन उनकी सांसों ने उनका साथ पहले ही छोड़ दिया। महेंद्र बताते हैं कि उनके पिता हमेशा गांव में ही अंतिम सांस लेने की बात कहते थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।

वन विभाग के रेंज अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद भी वह न केवल पहाड़ के अपने गांव में डटे रहे, बल्कि वहां सुविधा जुटाने के लिए संघर्षरत भी रहे। राज्य आंदोलन में भी उनकी भूमिका अग्रणी रही। सामाजिक आंदोलनों में भी वह बढ़-चढ़कर भाग लेते थे।

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