मुंबई के बांद्रा पर लोगों को इकट्ठा होने के लिए उकसाने वाला एनजीओ चलाने वाला गिरफ्तार

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पुलिस ने बुधवार को एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है जिसने कथित तौर पर अफवाहें फैलाईं जिसके कारण हजारों की संख्या में प्रवासी श्रमिक मुंबई में इकट्ठे हुए. खुद को श्रमिक बताने वाले विनय दुबे ने अभियान ‘चलो घर की ओर’ के अंतर्गत सोशल मीडिया पर कई पोस्ट करके कोरोना वायरस की महामारी के कारण लॉकडाउन में फंसे उन लोगों को उकसाने का काम किया जो घर लौटना चाहते हैं. इसके पोस्ट के कारण लोग हजारों की संख्या में बांद्रा स्टेशन पर एकत्र हो गए जिससे सोशल डिस्टेंसिंग के दिशानिर्देशों की धज्जियां उड़ीं और कोरोना वायरस के संक्रमण के और फैलने की आशंका पैदा हो गई.

मुंबई पुलिस इस बात की जांच कर रहकी है कि क्या विनय के ट्विटर और फेसबुक पर किए गए पोस्ट उस अफवाह को फैलाने के लिए जिम्मेदार रहे जिसके कारण लोग लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग के निर्देशों की अवहेलना करते हुए बांद्रा स्टेशन पर एकत्र हुए. बाद में पुलिस को लाठीचार्ज करके इन श्रमिकों को हटाना पड़ा. यह श्रमिक मुख्यत: बिहार, यूपी, बंगाल और मध्यप्रदेश के थे. मंगलवार से चलाए जा रहे एक वीडियो में विनय दुबे कयह कहते हुए सुना जा सकता हूं कि ‘लॉकडाउन 14 अप्रैल को खत्म हो जाएगा ऐसे में सरकार की ओर प्रवासियों के लिए उनके घर लौटने की व्यवस्था की जाए. वह कह रहा है, ‘मैं आग्रह करता हूं कि 14 अप्रैल को लॉकडाउन खत्म होने के बाद राज्य सरकार यूपी, बिहार, झारखंड, बंगाल जाने के लिए ट्रेन का इंतजार करें. वे अपने घर पहुंचने के बाद क्वारंटाइन किए जा सकते हैं लेकिन वे अपने घर लौटने के लिए बेताब हैं. वे यहां रुके तो कोरोना वायरस से नहीं तो भूख से मर जाएंगे. हम 14 या 15 तारीख तक इंतजार करेंगे, यदि सरकार ने कुछ नहीं किया तो मैं विनय दुबे, इन प्रवासी श्रमिकों के साथ पैदल ही यात्रा शुरू कर दूंगा.’

विनय दुबे, उत्तर भारतीय महा पंचाय के नाम से एनजीओ चलता है और महाराष्ट्र में उत्तर भारत के श्रमिकों से जुड़े मुद्दों पर बोलता रहा है. पुलिस के अनुसार, उसे नवी मुंबई से गिरफ्तार किया गया. इस बीच बांद्रा स्टेशन पर एकत्र होने के मामले में करीब एक हजार लोगों के खिलाफ एफआईदर्ज की गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्रं मोदी की ओर से लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ाने के ऐलान के बाद मंगलवार शाम को यह घटना सामने आई थी.