मेडिकल लाइफ स्‍टाइल स्लाइड

बर्फबारी और बूंदाबांदी से कड़ाके की ठंड, ब्रेन स्ट्रोक व हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा,

पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी और जगह-जगह बूंदाबांदी से बढ़ी ठंड ने आम लोगों के साथ-साथ दिल के मरीजों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है। बिगड़े मौसम ने दिल पर हमला सा बोल दिया हैपिछले एक हफ्ते में जिले के प्रमुख अस्पतालों में 100 से अधिक लोग दिल की गंभीर बीमारियां लेकर पहुंचे। उनमें से कुछ की मौत भी हो चुकी है। विशेषज्ञ मौसम के इस बदले मिजाज को देखते हुए दिल और अस्थमा मरीजों को एहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं।

ठंड बढ़ने से दून अस्पताल, कोरोनेशन और गांधी शताब्दी अस्पताल समेत बड़े निजी अस्पतालों में कई ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं जिन्हें सीने में दर्द या सांस लेने में दिक्कत हो रही है। दून अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. केसी पंत ने बताया किओपीडी में ब्रेन स्ट्रोक और हार्ट अटैक के मरीजों की संख्या में 20 फीसदी वृद्धि हुई है। प्रतिदिन औसतन सात-आठ मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें बुजुर्गों की संख्या ज्यादा है।

बर्फबारी और बूंदाबांदी से कड़ाके की ठंड, ब्रेन स्ट्रोक व हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा, ऐसे करें बचाव

उन्होंने बताया कि ठंड बढ़ने से कमजोर और अस्वस्थ लोगों की धमकियां सिकुड़ने लगती हैं। ऐसे में उन्हें सांस लेने की दिक्कत खड़ी हो जाती है। सर्द मौसम होने की वजह से मस्तिष्क और हृदय का अधिकतर खून त्वचा को गर्म करने के लिए स्थानांतरित हो जाता है, ऐसे में मस्तिष्क व हृदय में खून की अचानक कमी आ जाती है। इससे ब्रेन स्ट्रोक व हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
कैसे करें बचाव
– ठंडे के बजाय गुनगुने पानी से स्नान करें, धूप निकलने पर भ्रमण पर निकलें।
– रात को खाना खाने के बाद बाहर न निकलें, घर के भीतर ही चहलकदमी करें।
– धूम्रपान से परहेज करें। सर्द हवाएं चलने पर गाड़ी चलाने से बचें।
– सांस लेने में दिक्कत हो रही है तो तत्काल विशेषज्ञ से संपर्क करें।

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

© 2015 News Way· All Rights Reserved.