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प्राइवेट स्कूलों के अलावा 35 हजार छात्र-छात्राओं ने देखा प्रधानमंत्री के लाइव कार्यक्रम ‘परीक्षा पर चर्चा’ प्रसारण

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दिल्ली से तालकटोरा स्टेडियम से प्रधानमंत्री के लाइव कार्यक्रम ‘परीक्षा पर चर्चा’ को लेकर हरिद्वार जनपद के समस्त स्कूलों में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के छात्र-छात्राओं के साथ स्टाफ में उत्साह रहा। जनपद के राजकीय और शासकीय कॉलेजों के 42,870 में से करीब 35 हजार छात्र-छात्राओं ने लाइव प्रसारण देखा। इन्ही के साथ समस्त प्राइवेट कॉलेजों में भी प्रसारण देखा गया।कुछ राजकीय और शासकीय स्कूलों में लाइव प्रसारण में नेटवर्क बाधा बना। नेटवर्क न मिलने से जीजीआईसी ज्वालापुर में पिछले साल का प्रसारण दिखाया गया। जनपद से बीडी इंटर कॉलेज भगवानपुर से तीन छात्र-छात्राओं को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम के लिए चयनित किया गया था, लेकिन बाद में उन्हें आमंत्रित नहीं किया गया तो वे शामिल नहीं हो सके। 

सोमवार सुबह 11 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाइव कार्यक्रम के तहत ‘परीक्षा पर चर्चा’ करते हुए टिप्स देने का कार्यक्रम शुरू हुआ। जनपद के सभी स्कूलों में कार्यक्रम समय से शुरू हुआ, लेकिन राजकीय कन्या इंटर कॉलेज ज्वालापुर में इंटरनेट का कनेक्शन न होना और वाईफाई न चलने से लाइव प्रसारण शुरू नहीं हो सका।खंड शिक्षा अधिकारी अजय चौधरी के कार्यक्रम के पहुंचने पर कार्यक्रम में लीपापोती की जाने लगी और यू ट्यूब से पिछले साल का प्रसारण चला दिया। बाद में डॉ. निशंक के बजाय पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर के मंच पर दिखाए जाने पर मामले की पोल खुुली। इसके बाद शिक्षिका के मोबाइल के माध्यम से छात्राओं को लाउडस्पीकर से प्रधानमंत्री का भाषण सुनाया गया। 

इंटर कॉलेजों के लिए लाइव कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण से पूर्व हरिद्वार के सांसद एवं केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक के मंच पर आते ही छात्र-छात्राओं ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया। डॉ. निशंक के आमंत्रण के बाद जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंच पर पहुंचे तो उनके भाषण से बच्चों को नई ऊर्जा मिली।प्रधानमंत्री ने कहा कि नए संकल्प, नए सपने, नए अरमान, नई सिद्धियों को लेकर आगे बढ़े। हर पल कुछ सीखने और जानने को मिलता है। उन्होंने कहा कि एक परीक्षार्थी के लिए समय का प्रबंधन बहुत जरूरी है। उन्होंने अभिभावकों को भी संदेश देते हुए कहा कि माता पिता को भी बच्चों को अवसर देना चाहिए।

बच्चों को पढ़ाई के साथ अन्य गतिविधियों के लिए भी समय दें। तकनीकी को दोस्त मानते हुए अपनाए, लेकिन दिन में कुछ समय के लिए इससे दूर रहे। उन्होंने परीक्षा को जीवन का महत्वपूर्ण अंग बताया, लेकिन इसके लिए अपना मूड खराब न करें।  जैसे की प्रधानमंत्री ने बच्चों से नमस्ते की तो एकदम से सभागार बच्चों की तालियों से गूंज उठे। अब बैठिए और दोस्त के शब्द सुनकर बच्चे खुश हुए। हालांकि हरिद्वार जनपद से किसी का सवाल शामिल न करने पर छात्र-छात्राएं मायूस नजर आए। 

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