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पति की मौत के बाद मां-बेटी ने साथ में दी थी परीक्षा, मिली सरकारी नौकरी

तमिलनाडू की रहने वाली 47 साल की एक महिला ने अपने पति के गुजरने के बाद अपनी बेटी के साथ भर्ती परीक्षा में हिस्सा लिया और अब दोनों मां-बेटी को राज्य सरकार में नौकरी मिल गई.
कहा जाता है कि कामयाब होने की कोई उम्र नहीं होती. इस बात को सच साबित किया है तमिलनाडु की रहने वाली 47 साल की एक महिला ने, जिन्होंने अपने पति के गुजर जाने के बाद ना सिर्फ अपने बच्चों का भरण-पोषण किया, बल्कि इस उम्र में सरकारी नौकरी हासिल की. दरअसल एन. शांतिलक्ष्मी ने अपनी 28 साल की बेटी के साथ-साथ परीक्षा देकर तमिलनाडु सरकार में अच्छी नौकरी पाई है.

तीन बेटियों की मां शांतिलक्ष्मी ने अपने पति ए.रामचंद्रन का 2014 में निधन होने के बाद परिवार के भरण-पोषण के लिए नौकरी की तलाश शुरू की. वो कला में स्नातक (बी.ए.) तथा बी.एड. कर चुकी थीं. शांतिलक्ष्मी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया, ‘मैं एक गृहिणी हूं. लेकिन पति की मृत्यु के बाद मैंने नौकरी करने का निर्णय लिया.’ हालांकि शांतिलक्ष्मी ने हार ना मानते हुए अपनी बेटी के साथ कोचिंग शुरू की.

कोचिंग के संचालक सेंथिलकुमार ने बताया कि शांतिलक्ष्मी अपनी बेटी को प्रवेश दिलाने के लिए कोचिंग आई थीं. लेकिन जब हमने उन्हें बताया कि वे भी परीक्षा में शामिल हो सकती हैं तो उन्होंने भी कोचिंग में आने का फैसला कर लिया. उन्होंने बताया कि तमिलनाडु लोक सेवा आयोग की समूह चार के रिक्त पदों के लिए न्यूनतम योग्यता कक्षा 10 से ज्यादा योग्यता बाले उम्मीदवारों को आयु में असीमित छूट दी गई है.

सेंथिलकुमार ने कहा कि कक्षा में जहां अन्य छात्र उनकी बेटी की आयु के थे, वहीं शांतिलक्ष्मी ने प्रश्न पूछने में कभी हिचकिचाहट महसूस नहीं की. जब वे कोचिंग नहीं आ पातीं तो उनकी बेटी उन्हें घर पर पढ़ाती. वहीं शांतिलक्ष्मी का कहना है कि मुझे स्वास्थ्य विभाग में नियुक्ति मिली है. उम्मीद है कि मुझे थेनी में ही तैनाती मिलेगी. ऐसा ना होने पर भी मैं नौकरी करूंगी.

बता दें कि नौकरी लगने के बाद कला में स्नातक (तमिल साहित्य) उनकी बेटी की हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्त विभाग में नियुक्ति होगी.

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